Nauva Geet


1913 में रवीन्द्रनाथ टैगोर को जब साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया तो वे एशिया और भारत के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता थे। बहुआयामी व्यक्तित्व वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्यकार, चित्रकार, चिंतक और दार्शनिक थे। उन्होंने छोटी उम्र में ही कविता लिखना शुरू किया और सोलह वर्ष की उम्र में उनका पहला कविता-संग्रह प्रकाशित हुआ। उपन्यास, कहानी, गीत, नृत्य-नाटिका, निबंध, यात्रा-वृत्तांत-सभी विधाओं को उन्होंने अपनी लेखनी से समृद्ध किया। भारत और बांगलादेश, दोनों ही देशों के राष्ट्रगान इनके लिखे हुए हैं। अपने जीवन काल में इन्होंने विश्वभारती विद्यालय और शांति निकेतन विश्वविद्यालय की स्थापना की जो आज भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन-मूल्य प्रदान करता है। इस पुस्तक में हिन्दी के जाने-माने लेखक और कवि सुरेश सलिल का टैगोर की कुछ श्रेष्ठ कविताओं का हिन्दी में अनुवाद प्रस्तुत है।

Rs.125.00

Nauva Geet | नौवाँ गीत

Ravindranath Thakur

Weight .125 kg
Dimensions 8.66 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR : Ravindranath Thakur
PUBLISHER : Rajpal and Sons
LANGUAGE : Hindi
ISBN :9789350642184
BINDING : (PB)
PAGES : 96

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