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Bharat Ke Poorva Kalik Sikke


भारत के पूर्व-कालिक इतिहास-निरूपण के निमित्त सिक्कों का सर्वाधिक महत्त्व है। इन सिक्कों पर अंकित आलेखों के माध्यम से अज्ञात तथ्य प्रकाश में आये और संदिग्ध समझे जाने वाले तथ्यों की पुष्टिï भी हुई। इस प्रकार सिक्कों के माध्यम से प्राप्त जानकारी से इतिहास का प्रामाणिक स्वरूप प्रकाश में आया। भारत में अन्तर्राष्टï्रीय ख्याति के मुद्राशास्त्री डॉ० परमेश्वरीलाल गुप्त ने इस ग्रन्थ में पूर्वकालीन (आरम् भ से 12वीं शती ई०) सिक्कों का समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है। सिक्कों के माध्यम से तत्कालीन इतिहास की जानकारी किस प्रकार होती है, इसका विस्तृत विवेचन पुस्तक में किया गया है। इतिहास तथा पूर्व-कालिक सिक्कों के अध्येताओं के लिए यह पुस्तक अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी। पुस्तक में सिक्कों के अनेक चित्र सम्मिलित किये गए हैं।

Rs.250.00

भारत के पूर्व कालिक सिक्के (पेपर बैक)

Weight .450 kg
Dimensions 8.66 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR : Parmeshwari Lal Gupta
PUBLISHER : Vishwavidyalaya Prakashan
LANGUAGE : Hindi
ISBN : 9789351460589
BINDING : (PB)
PAGES : 372

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