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KYA MANUSHYA EK YANTRA HAI?


“मनुष्य एक यंत्र है, क्योंकि सोया हुआ है। और जो सोया हुआ है और यंत्र है, वह मृत है। उसे जीवन का केवल आभास है, कोई अनुभव नहीं है। और इस सोए हुए होने में वह जो भी करेगा–चाहे वह धन इकट्ठा करे, चाहे वह धर्म इकट्ठा करे, चाहे वह दुकान चलाए और चाहे वह मंदिर, और चाहे वह यश कमाए और चाहे त्याग करे, इस सोई हुई स्थिति में जो भी किया जाएगा, वह मृत्यु के अलावा और कहीं नहीं ले जा सकता है।”—ओशो

Rs.280.00

क्या आप अपने विचारों के मालिक हैं?
वे कौन सी परतंत्रताएं हैं जो मनुष्य के जीवन को सब ओर से घेरे हुए रहती हैं?
क्या है भय का मनोविज्ञान?
जाग्रत चित्त सत्य की और स्वयं की खोज का द्वार है
जागरूकता क्या है

#1: प्रवचन 1: मनुष्य एक यंत्र है
#2: प्रवचन 2: यांत्रिकता को जानना क्रांति है
#3: प्रवचन 3: जागरण के सूत्र
#4: प्रवचन 4: जाग जाना धर्म है

Weight .200 kg
Dimensions 8.66 × 7.25 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172612610
PAGES: 100
COVER: PB
WEIGHT :200 GM

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