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Kenopanishad


सामवेदीय तलवकार ब्राह्मण के अन्तर्गत वर्णित इस उपनिषद में भगवान के स्वरूप और प्रभाव-वर्णन के साथ परमार्थ ज्ञान की अनिर्वचनीयता, अभेदोपासना तथा यक्षोपाख्यान में भगवान का सर्वप्रेरकत्व एवं सर्वकर्तृत्व स्वरूप दर्शनीय है। सानुवाद शांकरभाष्य।

Rs.20.00

Publisher – Gita Press
Language – Hindi
Binding – Paperback

Weight .200 kg
Dimensions 7.50 × 5.57 × 1.57 in

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