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Jin Khoja Tin Paaiya


सुनता हूं कि मनुष्य का मार्ग खो गया है । यह सत्य है । मनुष्य का मार्ग उसी दिन खो गया, जिस दिन उसने स्वयं को खोजने से भी ज्यादा मूल्यवान किन्हीं और खोजों को मान लिया ।
मनुष्य के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सार्थक वस्तु मनुष्य के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है । उसकी पहली खोज वह स्वयं ही हो सकता है । खुद को जाने बिना उसका सारा जानना अंतत: घातक ही होगा । अज्ञान के हाथों में कोई भी ज्ञान सृजनात्मक नहीं हो सकता, और ज्ञान के हाथों में अज्ञान भी सृजनात्मक हो जाता है ।मनुष्य यदि स्वयं को जाने और जीते, तो उसकी शेष सब जीते उसकी और उसके जीवन की सहयोगी होगी। अन्यथा वह अपने ही हाथों अपनी कब के लिए गड्डा खोदेगा ।
हम ऐसा ही गड्डा खोदने में लगे है । हमारा ही श्रम हमारी मृत्यु बन कर खड़ा हो गया है । पिछली सभ्यताएं बाहर के आक्रमणों और संकटों में नष्ट हुई थीं। हमारी सभ्यता पर बाहर से नहीं, भीतर से संकट है । बीसवीं सदीं का यह समाज यदि नष्ट हुआ तो उसे आत्मघात कहना होगा, और यह हमें ही कहना होगा, क्योंकि बाद में कहने को कोई भी बचने को नहीं है । सभाव्य युद्ध इतिहास में कभी नहीं लिखा जाएगा । यह घटना इतिहास के बाहर घटेगी, क्योंकि उसमें तो समस्त मानवता का अंत होगा ।

Rs.1,060.00

1 उदघाटन प्रवचन यात्रा कुंडलिनी की 1

2 दूसरा प्रवचन व ध्यान प्रयोग बुंद समानी समुंद्र में 15

3 तीसरा प्रवचन व ध्यान प्रयोग ध्यान है महामृत्यु 37

4 चौथा प्रवचन ध्यान पथ ऐसो कठिन 51

5 अतिम ध्यान प्रयोग कुंडलिनी शक्तिपात व प्रभु प्रसाद 67

6 समापन प्रवचन गहरे पानी पैठ 75

प्रश्नोत्तर चर्चाएं

7 पहली प्रश्नोत्तर चर्चा कुंडलिनी जागरण व शक्तिपात 91

8 दूसरी प्रश्नोत्तर चर्चा यात्रा दृश्य से अदृश्य की ओर 117

9 तीसरी प्रश्नोत्तर चर्चा श्वास की कीमियां 135

10 चौथी प्रश्नोत्तर चर्चा आंतरिक रूपांतरण के तथ्य 149

11 पाचवीं प्रश्नोत्तर चर्चा मुक्ति सोपान की सीढिया 173

12 छठवीं प्रश्नोत्तर चर्चा सतत साधना न कहीं रुकना, न कहीं बंधना 197

13 सातवी प्रश्नोत्तर चर्चा सात शरीरों से गुजरती कुंडलिनी 217

14 आठवीं प्रश्नोतर चर्चा सात शरीर और सात चक्र 241

15 नौवीं प्रश्नोत्तर चर्चा धर्म के असीम रहस्य सागर में 269

16 दसवी प्रश्नोत्तर चर्चा ओम् साध्य है, साधन नहीं 297

17 ग्यारहवीं प्रश्नोत्तर चर्चा मनम से महाशून्य तक 315

18 बारहवीं प्रश्नोतर चर्चा तत्र के गुह्य आयामों में 337

19 तेरहवीं प्रश्नोत्तर चर्चा अज्ञात, अपरिचित गहराइयो मे 359

Weight .600 kg
Dimensions 8.50 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172612467
PAGES: 151
COVER: HB
WEIGHT :350 GM

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