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GAHRE PANI PAITH


तीर्थ है, मंदिर है, उनका सारा का सारा विज्ञान है। और उस पूरे विज्ञान की अपनी सूत्रबद्ध प्रक्रिया है। एक कदम उठाने से दूसरा कदम उठता है, दूसरा उठाने से तीसरा उठता है, तीसरा से चौथा उठता है और परिणाम होता है। एक भी कदम बीच में खो जाए, एक भी सूत्र बीच में खो जाए, तो परिणाम नहीं होता।

जिन गुप्त तीर्थों की मैं बात कर रहा हूं उनके द्वार हैं, उन तक पहुंचने की व्यवस्थाएं हैं, लेकिन उन सबके आंतरिक सूत्र हैं। इन तीर्थों में ऐसा सारा इंतजाम है कि जिनका उपयोग करके चेतना गतिमान हो सके।
ओशो

Rs.340.00

विषय सूची
प्रवचन 1 : मंदिर के आंतरिक अर्थ

प्रवचन 2 : तीर्थ: परम की गुह्य यात्रा

प्रवचन 3 : तिलक-टीके: तृतीय नेत्र की अभिव्यंजना

प्रवचन 4 : मूर्ति-पूजा: मूर्त से अमूर्त की ओर

Weight .330 kg
Dimensions 8.50 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172612467
PAGES: 152
COVER: HB
WEIGHT :330 GM

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