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ES DHAMMO SANANTANO, VOL. 09


धम्मपद: बुद्ध-वाणी

धर्म तुम हो
बुद्ध मील के पत्थर हैं मनुष्य-जाति के इतिहास में। संत तो बहुत हुए, मील के पत्थर बहुत थोड़े लोग होते हैं। कभी-कभार, करोड़ों लोगों में एकाध संत होता है, करोड़ों संतों में एकाध मील का पत्थर होता है। मील के पत्थर का अर्थ होता है, उसके बाद फिर मनुष्य-जाति वही नहीं रह जाती। सब बदल जाता है, सब रूपांतरित हो जाता है। एक नई दृष्टि और एक नया आयाम और एक नया आकाश बुद्ध ने खोल दिया। बुद्ध के साथ धर्म अंधविश्वास न रहा, अंतर-खोज बना। बुद्ध के साथ धर्म ने बड़ी छलांग ली। ओशो

Rs.760.00

Chapter Titles

82: धर्म तुम हो
83: क्षण है द्वार प्रभु का
84: मन की मृत्यु का नाम मौन
85: जागरण ही ज्ञान
86: सौंदर्य तो है अंतर्मार्ग में
87: जुहो! जुहो! जुहो!
88: एकांत ध्यान की भूमिका है
89: आचरण बोध की छाया है
90: अकेला होना नियति है
91: सत्य अनुभव है अंतश्चक्षु का

Weight .590 kg
Dimensions 8.66 × 7.25 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172613518
PAGES: 310
COVER: HB
WEIGHT :590 GM

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