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ES DHAMMO SANANTANO, VOL. 05


धम्मपद: बुद्ध-वाणी

ऊर्जा का क्षण-क्षण उपयोग: धर्म
जो बुद्ध के पास था, ठीक उतना ही लेकर तुम भी पैदा हुए हो। तुम्हारी वीणा में और बुद्ध की वीणा में रत्ती भर का फासला नहीं है। भला तुम्हारे तार ढीले हों, थोड़े कसने पड़ें। या तुम्हारे तार थोड़े ज्यादा कसे हों, थोड़े ढीले करने पड़ें। या तुम्हारे तार वीणा से अलग पड़े हों और उन्हें वीणा पर बिठाना पड़े। लेकिन तुम्हारे पास ठीक उतना ही सामान है, उतना ही साज है, जितना बुद्ध के पास। अगर बुद्ध के जीवन में संगीत पैदा हो सका, तुम्हारे जीवन में भी हो सकेगा। ओशो

Rs.760.00

Chapter Titles

42: झुकने से उपलब्धि, झुकने में उपलब्धि
43: परमात्मा अपनी ओर आने का ही ढंग
44: ऊर्जा का क्षण-क्षण उपयोग: धर्म
45: सुख या दुख तुम्हारा ही निर्णय
46: जीवन-मृत्यु से पार है अमृत
47: अकेलेपन की गहन प्रतीति है मुक्ति
48: आज बनकर जी!
49: महोत्सव से परमात्मा, महोत्सव में परमात्मा
50: अशांति की समझ ही शांति
51: आत्म-स्वीकार से तत्क्षण क्रांति

Weight .550 kg
Dimensions 8.66 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172613815
PAGES: 272
COVER: HB
WEIGHT :550 GM

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