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Bhushundi Ramayan : Kathavastu tatha Sameeksha


भुशुण्डि-रामायण की चर्चा शताब्दियों से रसिक सम्प्रदाय के आचार्यों, रामचरितमानस के टीकाकारों तथा अध्यात्म-रामायण एवं रामचरितमानस के प्रमुख स्रोतों के अनुसन्धाताओं की कृतियों में निरन्तर होती आयी है। किन्तु ग्रन्थ के अप्राप्त होने से उसकी वास्तविकता या मूल तत्त्व की छान-बीन संभव नहीं हो सकी थी। प्रस्तुत ग्रन्थ का सम्पादन उपयुक्त चार प्रतियों के आधार पर किया गया है। इसमें चार खण्ड हैं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण जिनकी श्लोक संख्या छत्तीस हजार है। इस प्रकार इसका रूप वाल्मीकि रामायण से ड्योढ़ा बड़ा है। संस्कृत से अनभिज्ञ रामायण-साहित्य के अनुसंधाताओं के लिए प्रस्तुत ग्रन्थ के मूल तत्त्वों का ग्रहण इसकी भूमिका सीमा में ही संभवना पाठकों की सुविधा के लिए अपनी हिन्दी प्रस्तावना के साथ ही सुप्रसिद्ध विद्वान् डॉ० राघवन् का अंग्रेजी आमुख भी दे दिया है।

Rs.100.00

भुशुण्डि रामायण : कथावस्तु तथा समीक्षा

Weight .250 kg
Dimensions 8.50 × 7 × 1.57 in

AUTHOR : Bhagwati Prasad Singh
V. Raghavan
PUBLISHER : Vishwavidyalaya Prakashan
LANGUAGE : Hindi
ISBN : VPBRKTSH
BINDING : (HB)
PAGES : 126

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