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APNE MAHIN TATOL


हम सब आनंद चाहते हैं, हम सब शांति चाहते हैं, हम सब तृप्ति चाहते हैं। लेकिन हम खोजते हैं बाहर। वहीं भूल है। खोजना है भीतर, टटोलना है अपने में – अपने माहिं टटोल। ओशो कहते हैं : ‘अगर हम भीतर जागकर देख सकें तो वहां जो है वही परमात्मा है, वही मोक्ष है, वही निर्वाण है। फिर उसे कोई कोई नाम दे दे, इससे कोई भेद नहीं पड़ता। वहां जो है वही परम आनंद है, वही परम सत्य है।‘

Rs.300.00

Apne Mahin Tatol – अपने माहिं टटोल

प्रवचन 1 : चित्त का दर्पण
प्रवचन 2 : बोध की पहली किरण
प्रवचन 3 : चित्त मौन हो
प्रवचन 4 : जीवन का लक्ष्य
प्रवचन 5 : यांत्रिक जीवन से मुक्ति
प्रवचन 6 : एक ही मंगल है – जागरण
प्रवचन 7 : तुम ही हो परमात्मा
प्रवचन 8 : अहंकार का भ्रम
प्रवचन 9 : नई संस्कृति की खोज
प्रवचन 10 : सत्य है अनुसंधान – मुक्त और स्वतंत्र

Weight .500 kg
Dimensions 8.7 × 5.51 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 9788172611897
PAGES: 208
COVER: PB
WEIGHT: 300 GMS

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