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Amrit Varsha


बुद्ध और महावीर ने तो जीवन को आनंद कहा है। उपनिषद के ऋषियों ने चिल्ला कर कहा है कि अमृत और आनंद है यह जीवन। जिन्होंने उस जीवन को जाना है, वे तो नाचने लगे हैं। लेकिन हम, हम भी उसी जीवन में खड़े हैं, और हमें कुछ दिखाई नहीं पड़ता। हम उन अंधों की भांति हैं जो प्रकाश में खड़े हों और जिनकी आंखें बंद हैं। और जिन्हें प्रकाश का कोई अनुभव नहीं मालूम होता। और हम उन लोगों की भांति हैं जिनके चारों तरफ आनंद बरस रहा हो, लेकिन जिनके भीतर कोई रिसेप्टिविटी, कोई ग्राहकता नहीं है। और इसलिए वे आनंद से वंचित रह जाते हैं।-ओशो

Rs.380.00

AUTHOR: OSHO

PUBLISHER: Osho Media International

Weight .350 kg
Dimensions 8.66 × 5.57 × 1.57 in

AUTHOR: OSHO
PUBLISHER: Osho Media International
LANGUAGE: Hindi
ISBN: 978817E+12
PAGES:110
COVER: HB
WEIGHT :350 GM

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